प्रमुख तत्त्व

प्रिय मित्रो ! *** ईश्वर* मनुष्य* और जगत* ये तीनों प्रमुख तत्त्व हैं. इन तीनों का अपना-अपना महत्व है. इनमें पहला ईश्वर* जो सर्वात्मा, सर्वाधार है . दूसरा मनुष्य* जो जगत का सबसे महत्वपूर्ण अंग और इसका केन्द्र बिंदु है . तथा तीसरा जगत* जोकि मनुष्य की कल्याणकारी प्रयोगशाला और उसका कर्तव्य लोक है. जहाँ […]

ईश्वर* मनुष्य* और जगत*

प्रिय मित्रो ! *** ईश्वर* मनुष्य* और जगत* ये तीनों प्रमुख तत्त्व हैं. इन तीनों का अपना-अपना महत्व है. इनमें पहला ईश्वर* जो सर्वात्मा, सर्वाधार है . दूसरा मनुष्य* जो जगत का सबसे महत्वपूर्ण अंग और इसका केन्द्र बिंदु है . तथा तीसरा जगत* जोकि मनुष्य की कल्याणकारी प्रयोगशाला और उसका कर्तव्य लोक है. जहाँ […]